बकरी पालन से लाखों कैसे कमायें? | Goat Farming Business Plan

Goat farming business plan

दोस्तों अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में निवास करते हैं तो पशुपालन व्यवसाय सबसे बढ़िया व्यवसाय होता है। पशुपालन व्यवसाय में चाहे डेरी farming हो, भेड़ पालन हो या बकरी पालन का व्यवसाय हो। इससे पहले मैं आपको गाय भैंस और भेड़ पालन व्यवसाय के बारे में बता चूका हूँ लेकिन आज के इस पोस्ट में मैं आपको Goat farming business plan in Hindi के बारे में बताने वाला हूँ ताकि आप भी अपने गाँव में रहकर बकरी पालन व्यवसाय शुरू कर सकें और काफी अच्छा मुनाफा कमा सकें।

अक्सर जो किसान लोग होते हैं वो अपनी खेती किसानी के साथ-साथ अपने घर पर रहकर कम पूँजी में कोई व्यवसाय करना चाहते हैं लेकिन सही जानकारी के अभाव में अपना व्यवसाय शुरू नहीं कर पाते।

लेकिन यदि आप बकरी पालन व्यवसाय को शुरु करना चाहते हैं तो आपको Goat farming business plan की अच्छी तरह से जानकारी होनी चाहिए। तो आइये दोस्तों आपको बताते हैं कि Goat farming business plan किस तरीके से शुरू किया जाय ताकि आपको कोई परेशानी न हो।

बकरी पालन का Scope

Goat farming business plan को शुरू करने से पहले आपको भारत में इसके scope के बारे में पता होना बहुत ही जरूरी है। भारत में आप बकरी पालन से कई तरह से आय अर्जित कर सकते हैं, जैसे दूध बेंचकर, मांस बेंचकर, ऊन व खाल बेंचकर तथा बकरी की मींगड़ियों को खाद के रूप में बेंचकर।

इसलिए हम यह कह सकते हैं कि बकरी पालन का scope बहुत ही जयादा है जिसे पालकर आप विभिन्न तरह से पैसे कमा सकते हैं।

बकरी पालन के लिए जगह का चयन

बकरी पालन व्यवसाय को शुरू करने के लिए ऐसे जगह का चुनाव करें जो प्रदूषण मुक्त हो और ऐसा स्थान आपको गाँव में ही मिलेगा इसलिए आप जब भी Goat farming business plan शुरू करने की योजना बनायें तो अच्छे स्थान का चयन जरूर करें।

अगर हम बकरी पालन के लिए जगह की बात करें तो एक बकरी को पालने के लिए कम से कम 20 वर्ग फीट जगह की जरुरत होगी, साथ ही एक मेमने के लिए 5 से 8 वर्गफीट जगह की आवश्यकता होगी।

आप जितनी बकरियों को पालना चाहते हैं उस हिसाब से कैलकुलेशन कर सकते हैं।

शेड का निर्माण

Goat farming business शुरू करने से पहले आपको शेड का निर्माण कराना होगा। शेड का निर्माण इस तरह से होना चाहिए कि आसानी से शेड के अन्दर हवा आ जा सके। जब भी बकरी पालन के लिए शेड का निर्माण कराएँ तो कम से कम शेड की उंचाई 10 फीट की होनी चाहिए।

शेड के चारों ओर बाउंड्री वाल जरूर बनवाएं साथ ही शेड का निर्माण कराते समय निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें-

  • शेड का निर्माण करवाते समय दीवाल जालीयुक्त होनी चाहिए, दीवाल की मोटाई कम से कम 10 इंच से कम न हो।
  • शेड के निर्माण में जमीन के निचले सतह में ढाल अवश्य होना चाहिए ताकि बकरी का मल-मूत्र आसानी से बह सके साथ ही पानी से सतह धुलने में आसानी हो।
  • शेड को तीन हिस्सों में बाँट दें बकरी, बकरे और बकरी के बच्चे के लिए।
  • एस्बेस्टस की चादर से शेड की छत का निर्माण करवाएं।
  • बाउंड्री वाल के अन्दर चारों ओर पेड़-पौधे अवश्य लगवाएं ताकि शेड के अन्दर का वातावरण बढ़िया रहे।

अवश्य जानें- डेरी farming का बिजनेस कैसे शुरू करें ?

बकरियों की नस्ल (List of goat breeds)

बकरी पालन करना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है लेकिन आपको उस नस्ल का चुनाव करना चाहिए जो आपके वातावरण के अनुकूल हो। बकरियों की कई प्रजातियाँ हैं लेकिन जो ज्यादातर पाली जाती हैं उनका कुछ नाम मैं आपको बता दे रहा हूँ जैसे सिरोही, बीटल व सोजत प्रजाति की बकरी राजस्थान में पाली जाती है

पश्चिम बंगाल में ब्लैक बंगाल नाम की प्रजाति का पालन किया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में बारबरी और जमुनापारी नामक प्रजाति पाली जाती है।

बकरियों का चारा

बकरियों का मुख्य आहार हरी पत्तियां और हरा घास है इसलिए हो सके तो बकरियों को खेतों में अवश्य चराएँ। इसके अलावा बकरियों को चुन्नी व चोकर भी चारे के रूप में दिया जा सकता है यदि बकरियों को चराने के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है तो बकरियों को दिन में तीन बार भोजन अवश्य दें।

बकरियों का टीकाकरण व रखरखाव (Common goat disease and treatments)

F.M.D – बकरियों के पैर और मुंह में जो रोग होता है उसे इसी वैक्सीन की सहायता से दूर किया जा सकता है ये वैक्सीन बकरियों को 3 से 4 महीने की उम्र में दिया जाता है जिसके बाद प्रति छः महीने के अंतराल पर वैक्सीन देना आवश्यक होता है।

गोट प्लेग (P.P.R) – गोट प्लेग बकरियों के लिए एक घातक बीमारी है जिससे बहुत से बकरियां मर जाती हैं इसलिए इस रोग की रोकथाम के लिए पहला वैक्सीन चार महीने की उम्र में दिया जाता है इसके बाद हर चार साल के अंतराल पर इस रोग की रोकथाम के लिए वैक्सीन दिया जाना आवश्यक होता है।

Goat Pox – Goat Pox एक खतरनाक बीमारी है इस बीमारी के रोकथाम के लिए बकरी को चार से पांच महीने की उम्र में वैक्सीन दिया जाता है जिसके बाद बकरियों को हर साल ये वैक्सीन देने की आवश्यकता होती है।

एंथ्रेक्स- यह रोग बकरी को होने पर व्यक्तियों के बीच भी सकता है इसलिए पहला वैक्सीन बकरी को 4 से 6 महीने की उम्र में दिया जाता है इसके बाद हर साल देने की आवश्यकता होती है।

बकरी पालन में आने वाली लागत (Goat farming project cost)

वैसे आप बकरी पालन का व्यवसाय 10 से 15 बकरियों के साथ शुरू कर सकते हो जिसमे आपको लगभग 2 से 2.5 लाख रूपये खर्च करने पड़ सकते हैं। एक बार बकरी पालन का पूरा सेटअप कम्पलीट हो जाये और बकरी पालन का काम अच्छे से चलने लगे तो आप और अधिक बकरियों को खरीद कर रख सकते हो। अगर आप 100 बकरियों को पालना चाहते हो तो इसके लिए आपको 10 से 12 लाख रूपये की आवश्यकता पड़ेगी।

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बकरी पालन का प्रशिक्षण (Goat farming training institute)

बकरी पालन से सम्बंधित भारत में कई ऐसे संस्थान हैं जहाँ से आप ट्रेनिंग ले सकते हैं। इस ट्रेनिंग में आपको बकरी के खाने- पीने, रहने, उनकी नस्ल आदि के बारे में पता चल जायेगा। ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट 6000 से 15000 रूपये की fees लेते हैं जिसमे आपको proper ट्रेनिंग और खाने व रहने की सुविधा प्रदान की जाएगी।

बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने से पहले आप http://www.cirg.res.in/ इस वेबसाइट पर जाकर सारी जानकारी अवश्य लें।

बकरी पालन शुरू करने में सावधानियां

बकरी पालन व्यवसाय शुरू करने में आपको निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए-

  • बकरियों को रोगमुक्त रखने के लिए समय-समय पर टीका अवश्य लगवाएं।
  • बकरियों को समय-समय पर नहलाते रहना चाहिए।
  • शेड में साफ-सफाई रखना बहुत ही आवश्यक है नियमित अंतराल पर शेड को धुलते रहना चाहिए।
  • बकरियों को albendazole tablet समय-समय पर चारे में मिलाकर खिलाते रहना चाहिए ताकि पेट के कीड़े मर सकें।
  • शेड के अन्दर बकरियों के लिए पेयजल की स्थायी सुविधा उपलब्ध करवानी चाहिए जिससे बकरियों को शीतल पेयजल मिल सके।
  • बकरी पालन का शेड जंगल से दूर बनायें क्योंकि जंगली जानवर सूंघ कर goat फार्म तक आ सकते हैं।
  • बकरी के बच्चे को कुत्तों से बचाकर रखें।
  • बकरियों के जुगाली न करने पर डॉक्टर को अवश्य दिखाएँ।

बकरियों की मार्केटिंग

बकरी की मार्केटिंग बकरी के खाल,मांस,दूध,ऊन और खाद के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। आप बकरियों को सीधा बाज़ार और कसाईखाने में बेच सकते हैं इसके अलावा बकरी को बकरामंडी में भी बेचकर कमाई कर सकते हैं। बकरियों की सबसे ज्यादा डिमांड ईद के मौके पर होती है तो आप कोशिश ये करें की ज्यादातर बकरियां ईद के मौके पर ही बेंचे जिससे आप ज्यादा से ज्यादा से मुनाफा कमा सकें।

निष्कर्ष

यदि आप Goat farming business plan शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको सबसे पहले किसी ट्रेनिंग सेंटर से आपको ट्रेनिंग जरूर ले लेना चाहिए। इससे आपको बकरियों के बारे में छोटी से छोटी बात का पता रहेगा साथ ही इस बिज़नस की शुरुआत करने से पहले पूरा बिज़नस प्लान बनायें ताकि आपको बाद में किसी भी प्रकार का दिक्कत न हो तभी आप Goat farming business plan में सफल हो सकते हैं।

अगर ये आर्टिकल आपको पसंद आया हो तो अपने दोस्तों के साथ इसे शेयर जरूर करियेगा। आपको किस बिज़नस के बारे में जानकारी चाहिए ये भी हमें कमेंट करके बताएं ताकि उस टॉपिक पर हम आर्टिकल लिख सकें धन्यवाद।

About Amit Kumar

Hello Friends! मेरा नाम अमित कुमार है, मैं एक फुल टाइम Youtuber और Blogger हूँ. मेरा मकसद उन लोगों को आगे बढाने का है जो लोग बिज़नस करके आगे बढ़ना चाहते हैं लेकिन कुछ लोगों को सही जानकारी न होने के कारण आगे नहीं बढ़ पाते हैं. इस ब्लॉग पर आपको नई-नई बिज़नस Read More


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