Notebook Making Business in Hindi | कॉपी बनाने के व्यवसाय की पूरी जानकारी

Notebook making business

Notebook making business एक ऐसा स्टेशनरी प्रोडक्ट है जिसका इस्तेमाल स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, दूकान, घर हर जगह होता है। यह कार्य के अनुसार कई तरह की होती है इसलिए  आज बाज़ार में विभिन्न तरह के नोटबुक आने लगे हैं।बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने के कारण ही आजकल मांग को देखते हुए बड़ी-बड़ी कपनियां भी इस व्यवसाय में कूद पड़ी है। 

आज के इस पोस्ट में मैं आप लोगों को Notebook making business के बारे में  सम्पूर्ण जानकारी देने वाला हूँ जिससे कि जितने भी बेरोजगार भाई लोग बैठे है इस पोस्ट को पढ़कर उन्हें अपना खुद का बिज़नस शुरू करने की प्रेरणा मिले और अपना बिज़नस आसानी से स्टार्ट कर सकें।

दोस्तों अगर आप भारत में रहते हैं और आप नोटबुक के व्यवसाय को हिंदी में जानना चाहते हैं तो आप Notebook making business in hindi के इस आर्टिकल को पढ़कर सारी जानकारी प्राप्त करके इस बिज़नस की शुरुआत कर सकते हैं।

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नोटबुक क्या है ? (What is Notebook?)

नोटबुक जिसे आम बोलचाल की भाषा में कापी कहते है एक प्रकार का स्टेशनरी प्रोडक्ट है, जिसकाइस्तेमाल लिखने हेतु किया जाता है।लिखने की जरूरत पढ़ाई करने वाले बच्चों से लेकर पढ़ाने वाले अध्यापक, ऑफिस में काम करने वाले क्लर्क से लेकर अधिकारी, दूकान पर हिसाब रखने वाले दुकानदार, व फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूरों का हिसाब रखने वाले मैनेजर तक सबको जरूरत होती है।   

नोटबुक का बिज़नेस क्यों करें ?

notebook manufacturing business plan स्टार्ट करने का प्रमुख रीज़न कुछ इस प्रकार हैं हर साल करोड़ों विद्यार्थी एक कक्षा से दूसरी कक्षा की ओर अग्रसित होते हैं और हर साल नए-नए उद्यम भी स्थापित हो रहे हैं इन दोनों ही अवस्थाओं में नोटबुक मैन्युफैक्चरिंग बिज़नस के लिए अवसर खुलते जा रहे हैं जहाँ एक तरफ विद्यार्थी एक कक्षा से दूसरी कक्षा की ओर अग्रसित होने में पुरानी नोटबुक को रद्दी के भाव से बेंच देते हैं, वहीँ नयी कक्षा में नए सिरे से लिखने के लिए नयी-नयी नोट बुक भी खरीदते हैं।नोटबुक एक ऐसी जरूरत की चीज है जिसे स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, दूकान, घर आदि सभी जगह उपयोग में लाया जाता है।    

कैसे शुरूआत करें ? (How to start notebook making business?)

इस बिज़नस की शुरुआत करने से पहले आपको अपने आसपास की सभी स्टेशनरी दुकानों पर जाकर देखना होगा कि आपके क्षेत्र विशेष में किस तरह की नोटबुक बिकती है, किस तरह की नोटबुक की मांग ज्यादा है, किस नोटबुक को बेंचने में ज्यादा मुनाफा है आदि सभी सवालों का जबाब ढूंढ सकते हो।
इसके बाद आप किसी नोटबुक बनाने की फैक्ट्री में विजिट करके थोड़ा बहुत अनुभव लेकर अपना बिज़नस स्टार्ट कर सकते हो।  

फैक्ट्री कहाँ लगाएं ?

नोटबुक बनाने की फैक्ट्री आपको उस क्षेत्र में लगाना ज्यादा उपयुक्त रहेगा जहाँ पर ज्यादा से  ज्यादा स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी कैंपस खुले हों, क्योंकि ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ पर Notebooks की मांग बहुत ज्यादा रहती है। इन क्षेत्रों में देश के कोने-कोने से छात्र पढ़ने के लिए आते हैं और इनको काफी संख्या में नोटबुक्स की आवश्यकता पड़ती है जिन्हें यें स्थानीय स्टेशनरी की दुकानों से खरीदते हैं। यदि आप इस क्षेत्र में अपना plant लगाते हैं और नोटबुक बनाने वाली अन्य कंपनियों की तुलना में आप अपना रेट कम भी रख सकते हैं क्योंकि आपको माल पहुचाने का ट्रांसपोर्टेशन चार्ज कम देना पड़ेगा, जिससे आपकी सेलिंग बहुत जबरदस्त होगी आपके plant तक यातायात आवागमन एवं विद्युत् आपूर्ति की सुविधा हो।  

आवश्यक रॉ मटेरियल (Notebook Making Raw Materials)

Notebook making business
Notebook making raw materials

नोटबुक बनाने के लिए निम्नलिखित रॉ मटेरियल की आवश्यकता पड़ती है- 

  • जीएसएम पेपर की व्हाइट शीट-  इस बिज़नस में सबसे मुख्य कच्चा माल जीएसएम पेपर की व्हाइट शीट है इसी से नोटबुक तैयार होता है। 
  • ग्रे बोर्ड शीट- इससे कॉपी का कवर बनाया जाता है जो इसको मजबूती प्रदान करता हैं एवं इसको आकर्षक बनाता है। 
  • प्रिंटिंग इंक-  इससे रुल अर्थात कापी पर लाइन प्रिंट किये जाते हैं। 
  • लेवल कवर शीट- यह कापी के कवर पर लगाया जाता है। 
  • ग्लू-  यह कापी को चिपकाने के काम आता है। 
  • धागा– इससे कापी की सिलाई की जाती है। 
  • पिन– यह कापी के कवर और पेजेज के बीच लगाया जाता है जिससे पेजेज अलग न हो सकें। 

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आवश्यक मशीनरी (Notebook Making Machine)

इस उद्योग को स्टार्ट करने हेतु निम्नलिखित मशीनों का इस्तेमाल होता है- 

  • डिस्क रूलिंग मशीन- इस मशीन की सहायता से पेजेज पर रूलिंग अर्थात लाइन खींची जाती हैं। 
  • पेपर फोल्डिंग मशीन- इस मशीन की सहायता से पेपर फोल्ड किये जाते है जिससे कापी बनती है। 
  • पिन स्टेपल मशीन- यह मशीन कवर और पेजेज में पिन स्टेपल करती हैं।
  • एज स्क्वायर मशीन-  यह मशीन कापी को फिनिशिंग टच देने के काम में आती है।  

इन मशीनों को आप इंडियामार्ट की वेबसाइट www.indiamart.com से ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं। 

आवश्यक लागत पूँजी (Notebook making machine price)

notebook making business स्टार्ट करने के लिए आपके पास कम से कम पांच से छः लाख रुपये की पूँजी का होना अत्यंत आवश्यक है जिसमे आवश्यक सभी मशीनें तथा शुरूआती रॉ मैटेरियल्स खरीदा जा सके। यदि आप का बिज़नस सही ढंग से चल जाता है तो और अधिक पूँजी लगाकर कच्चा माल खरीदकर अपना प्रोडक्शन बढ़ा कर अपना बिज़नस और बड़ा कर सकते हो।  

Notebook making business
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मुद्रा योजना के तहत लोन

दोस्तों यदि आप इस व्यवसाय को करना चाहते हैं और आपके पास अधिक पैसे नहीं हैं तो आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख तक का लोन ले सकते हैं अगर आप ज्यादा डिटेल में इसके बारे में जानना चाहते हैं तो प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लोन कैसे लें? इस link पर क्लिक करें।

लाइसेंस (Notebook Making License)

Notebook business को स्टार्ट करने के लिए आपको सबसे पहले जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जो आज के समय में किसी भी बिज़नस को स्टार्ट करने के लिए भारत सरकार ने अनिवार्य कर रखा है इसके बाद यदि आप चाहते हैं अपना ब्रांड के नाम से अपना प्रोडक्ट बेंचे तो आपको ट्रेडमार्क ब्रांड रजिस्ट्रेशन कराना होगा इसके बाद आप अपना बिज़नस आसानी से रन कर सकते हैं।

notebook बनाने का फुल प्रोसेस (Notebook Manufacturing Process)

notebook making business में नोटबुक बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है इसमें  कोई ज्यादा ताम झाम नहीं करना पड़ता है इसमें निम्नलिखित स्टेप अपनाया जाता है- 

  1. सबसे पहले कॉपी का ऊपरी कवर बनाना पड़ता है इसके लिए शीट को जो कापी के कवर का काम करती है को अच्छी तरह से मोड़ते हैं जिससे की वह कापी के साइज़ का कट जाए।
  2. जिन पन्नो की कापियां बनानी है उनमे रूलिंग मशीन से रूलिंग की जाती है अर्थात उनमे लाइन खींची जाती है। 
  3. इसके बाद इसमें जितने पन्ने की कापी बनानी हो उतने कागज को मोड़कर उस कवर के बीच रख देते हैं।
  4. अब कवर के अन्दर डाले गए पेज को पिनिंग मशीन की सहायता से पिन किया जाता है।
  5. इसके बाद इस कापी को एज स्क्वायर मशीन की सहायता से फिनिशिंग लुक दिया जाता है।  
  6. एज स्क्वाएर मशीन से फिनिशिंग look देने के बाद cutting मशीन से नोटबुक को पिनिंग साइड को छोड़कर बाकी तीनो तरफ की cutting की जाती है ताकि कॉपी की साइज़ सही रहे और दिखने में आकर्षक दिखे। अगर जरुरत हो तो बीच में से काटकर दो नोटबुक भी बनाई जा सकती है इसके बाद नोटबुक मार्किट में बिकने के लिए तैयार हो जाता है।

दोस्तों अगर आप नोटबुक बनाना नहीं जानते हैं तो आप कहीं से Notebook Manufacturing Training ले सकते हैं इससे जो नोटबुक आप तैयार करेंगे वो बेस्ट क्वालिटी का रहेगा और उसकी फिनिशिंग अच्छी रहेगी।

नोटबुक बनाने के लिए समय

आप लगभग 18 से 20 मिनट के अन्दर इन मशीनों से 6 से 8 कापियाँ बना सकते हैं।

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पैकिंग (Notebook Packaging)

पूरी तरह से नोटबुक तैयार हो जाने के बाद उसे आपको बाज़ार में उतारने के लिए सबसे पहले उसकी पैकेजिंग करने का कार्य संपन्न करना होता है। इसकी पैकेजिंग दो प्रकार से की जाती है एक होलसेल रेट पर बिकने हेतु जिसमे बड़े-बड़े बंडलों में नोटबुक भरकर विभिन्न जगहों पर भेज दी जाती है तथा दूसरा रिटेल में बेंचने के लिए एक दर्जन, दो दर्जन की पैकिंग की जाती है जो plant पर ही बिक जाती हैं।

पैकिंग करते समय आप चाहें तो 5-5 या 10-10  कापी के बंडल में एक अच्छा सा पेन या रबर और पेंसिल भी रख सकते हैं जो इस पूरे बंडल को खरीदने वाले व्यक्ति के लिए मुफ्त रहेगा इससे आपके नोटबुक की बिक्री और बढ़ेगी। 

मार्केटिंग

सफल उद्दमी वही है जो कार्ययोजना बना कर काम करे आप किसी भी प्रोडक्ट की कितने अधिक मात्रा में मैन्युफैक्चरिंग कर रहे हों इस फैक्ट से आप के इनकम पर असर नहीं पड़ने वाला है बल्कि कितने लार्ज स्केल पर प्रोडक्ट सेल कर रहे हो यह मायने रखता है। जितनी अधिक आपके प्रोडक्ट की बिक्री होगी उतनी अधिक आपके बिज़नस की कमाई बढ़ेगी अतः आप अपने प्रोडक्ट को ज्यादा से ज्यादा सेल करने के तरीके खोजिये अपने आसपास के तथा दूर के हर मार्केट्स में जाकर स्कूल, कॉलेज के सामने खुली स्टेशनरी की दुकानों पर संपर्क बनाकर उनको होलसेल रेट पर अपना माल दीजिये इस प्रकार से आप अपनी बिक्री बढ़ा सकते हैं।

कमाई (Notebook Business Profit)

notebook manufacturing business में कमाई की बात की जाए तो औसतन एक नोटबुक   बनने में लगभग 10 से 12 रुपये की लागत आ जाती है जिसे मार्केट में आसानी से होलसेल रेट में 15 रुपये से ऊपर की कीमत पर बेंचा जाता है इस प्रकार से लगभग 35 से 40 % तक प्रॉफिट मार्जिन इस बिज़नस में आसानी से हो जाता है। 

निष्कर्ष

मुझे आशा एवं पूर्ण विश्वास है की आपको notebook making business बिज़नेस स्टार्ट करने का आईडिया जबरदस्त एवं हेल्पफुल लगा होगा यदि आप इस पोस्ट से थोड़ा भी लाभान्वित हुए हों तो प्लीज  कमेन्ट करके जरूर बताइयेगा और अपने दोस्तों को ज्यादा से ज्यादा शेयर करना मत भूलियेगा। आपके द्वारा मिलने वाले रेस्पोंस से हमें बहुत अधिक प्रेरणा मिलती है जिससे आपके लिए नए नए बिज़नस आइडियाज लाते रहते हैं धन्यवाद। 

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6 thoughts on “Notebook Making Business in Hindi | कॉपी बनाने के व्यवसाय की पूरी जानकारी”

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