Poultry Farm Business in India in Hindi | मुर्गी पालन व्यवसाय का सही तरीका

poultry farm business in india

दोस्तों भारत एक ऐसा देश है जहाँ शाकाहारी व मांसाहारी दोनों तरह के लोग निवास करते हैं। मांसाहारी लोग अपने नॉनवेज भोजन में सबसे ज्यादा वरीयता मुर्गे को देते हैं क्योंकि इनसे विभिन्न प्रकार के लजीज नॉनवेज व्यंजन जैसे चिकन बिरयानी, चिकन पराठा, चिकन कबाब आदि बनते हैं। इसके सिवाय इनके अंडो की मांग हर वर्ग के लोगों में बनी रहती है। Poultry Farm Business in India आज भारत का बहुत ही प्रचलित व्यवसाय हो चूका है।

मुर्गी के अंडे प्रोटीन का भरपूर स्रोत होते हैं जिसके कारण, डॉक्टर भी अपने मरीजों को मुर्गी के अंडे खाने की सलाह देते हैं। हमारे देश में Poultry Farming Business से ब्रायलर युवा नर व मादा चिकन मांस का लगभग 2.47 मिलियन मीट्रिक टन का उत्पादन प्रतिवर्ष हो रहा है, जो दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा ब्रायलर उत्पादन है। भारत में प्रति व्यक्ति अंडे की खपत ग्रामीण क्षेत्र में लगभग 8% तथा शहरी क्षेत्रों में लगभग 18 से 20 % प्रतिवर्ष है।

आजकल बाजार में मुर्गे-मुर्गियों की मांग बहुत बढ़ गयी है ऐसे में आप अगर कोई लो इन्वेस्टमेंट बिज़नस करना चाहते हैं तो Poultry Farm Business in India का यह व्यवसाय आपके लिए बेस्ट रहेगा। आज के समय में मुर्गी पालन व्यवसाय एक तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय बन चुका है। इस व्यवसाय को करके आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। अतः आज मैं आप लोगों के लिए मुर्गीपालन व्यवसाय से सम्बंधित सभी आवश्यक जानकारियां लेकर आया हूँ ताकि आप इसे पढ़ कर poultry farm business शुरू कर सकें।

योजना बनायें (Planning for Poultry Farm Business in India)

सबसे पहले आपको यह तय करना होगा की आप मुर्गी पालन अंडे के उत्पादन के लिए करना चाहते हैं या मीट उत्पादन के लिए। यदि अंडे का उत्पादन करना चाहते हैं तो आप Layer poultry farming कर सकते हैं यदि मीट के लिए मुर्गी पालन करना चाहते हैं तो broiler chicken farming business plan अपनाना होगा।

जगह का चुनाव एवं पोल्ट्री फार्म शेड का निर्माण

poultry farm business के लिए सही जगह का चुनाव अति आवश्यक है। क्योंकि इस व्यवसाय में थोड़ी ज्यादा जगह की आवश्यकता होती है जहाँ पर मुर्गियों के रहने के लिए शेड निर्माण किया जा सके। जगह के चुनाव में निम्नलिखित बिन्दुओं पर ध्यान देना आवश्यक है-

  • ऐसी जगह का चुनाव करें जो मानव बस्ती से दूर हो जहां तक यातायात की सुविधा हो जिससे फार्म तक मुर्गियों के लिए खाद्य सामग्री पहुचाई जा सके और तैयार मुर्गियां और अंडे बाजार तक पहुचाये जा सकें।
  • वहां पानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिये।
  • उस जगह पर 24 घंटे बिजली की व्यवस्था होनी चाहिये क्योंकि HATCHING (चूजों का अंडे से बाहर निकलना) के समय फार्महाउस में प्रकाश और गर्मी का संतुलित रहना अति आवश्यक है। यदि इस समय बिजली का अभाव होगा तो चूजे मर जायेंगे जिससे आपको नुक्सान होगा।
  • जगह ज्यादा शोरगुल या कोलाहलयुक्त भी नहीं होना चाहिये क्योंकि चूजों पर ध्वनि का प्रतिकूल असर पड़ता है।

मुर्गीपालन हेतु जरुरी सामान

Poultry farm business plan के लिए निम्नलिखित जरुरी सामान चाहिये-

  1. मुर्गियों का चारा-मक्का, अलसी, चावल आदि।
  2. अंडे रखने की ट्रे – यह अंडे रखने के काम में आता है, ताकि अंडे सुरक्षित रहें
  3. कैरेट – इसमें ट्रे को एक दूसरे के ऊपर रखकर पैक कर देते हैं।
  4. अपशिस्ट निवारण सिस्टम – इसमें मुर्गियों के मल पदार्थ को खेतों में प्रयुक्त होने लायक खाद में बदल देते हैं।
  5. हीटर
  6. ब्रूडिंग मशीन यह एक ऐसी device है जिससे पूरे फार्महाउस का तापमान नियंत्रित रहता है।
  7. लकड़ी का पाउडर

नोट – मुर्गियों का चारा आप indiamart की website से भी मंगवा सकते हैं।

POULTRY FARM BUSINESS

मुर्गीपालन में आने वाली लागत (Poultry farm business investment)

अगर आपने सही जगह और मुर्गियों की सही प्रजाति का चयन कर लिया है तो अब बात इसमें लगने वाली पूँजी की आती है। इस बिज़नस में मुख्य लागत चूजों को खरीदने में आती है चूजों की खरीददारी अति सावधानी से करनी चाहिये क्योंकि यदि एक भी चूजा बीमारी से ग्रसित होगा तो अन्य चूजे भी बीमारी से ग्रसित हो जायेंगे।

एक चूजे की कीमत लगभग 30 से 35 रुपये के आसपास होती है। यदि 1000 चूजों से आप मुर्गीपालन की शुरुआत करते हो तो 1000 X 35 =35000 रुपये चूजों की खरीद पर तथा 70 से 80 हजार रुपये फार्म के निर्माण पर तथा मुर्गियों के चारे और अन्य व्यय मिलाकर लगभग 1,50,000 रुपये तक लग सकते हैं।

पोल्ट्री फार्म हेतु सरकारी अनुदान

यदि आप Poultry farm business in india में करना चाहते हो तो इसके लिए सरकार सामान्य वर्ग को 25% तथा OBC SC एवं ST को 35 % तक अनुदान देती है परन्तु इसके लिए बाकायदा अपना PROJECT रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के बाद आपको NABARD से अनुदान मिलता है।

आवश्यक लाइसेंस

आपको मुर्गीपालन व्यवसाय बड़े स्तर पर शुरू करने हेतु अपने पोल्ट्री फार्म का MSME में तथा उद्योग आधार में रजिस्ट्रेशन करवाना पड़ेगा।

चूजों की देखभाल

शुरुआत में चूजों की देखभाल बहुत जरुरी है क्योंकि ये मौसम के प्रति अति संवेदनशील होते है इनको अधिक ठण्ड व अधिक गर्मी दोनों से बचाना पड़ता है। बीच-बीच में इनकी पशु चिकित्सक से जांच करवाते रहना चाहिये ताकि किसी रोग से संक्रमित ना हो जाये क्योंकि संक्रमित हो जाने पर सभी चूजे मर जायेंगे इससे आपको भारी नुक्सान उठाना पड़ सकता है इसलिए चूजों की देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है।

टीकाकरण- चूजों में कोई रोग न पनपने पाए इसके लिए तरह -तरह के टीके लगवाए जाते हैं यदि चूजे स्वस्थ रहेंगे तो स्वस्थ मुर्गियां तैयार होंगी।

मुर्गीपालन व्यवसाय से आय (Profit in poultry farm)

जहाँ तक poultry farm business से आय की बात है तो इस बिज़नेस में लाभ मार्जिन बहुत ज्यादा है क्योंकि market में मुर्गियों का रेट 80 से 120 रुपये प्रति kg तथा 4-5 रुपये प्रति अंडे रहता है और एक चूजे को एक kg वजन तक होने में डेढ़ से दो महीने लगता है इस प्रकार यदि आप 1000 चूजों से भी यह व्यवसाय शुरू करते हैं तो महीने में लगभग 30 से 35 हजार तक आप कमा सकते हैं।

Conclusion-

Poultry farm business in India अर्थात मुर्गी पालन व्यवसाय आपके लिए भी एक फायदे का व्यवसाय साबित हो सकता है। इस व्यवसाय में आपको ज्यादातर मुर्गियो की देखभाल पर विशेष ध्यान देना होगा समय-समय पर आप यदि टीकाकरण कराते रहते हैं तो आप काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।

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