Readymade garments shop business in hindi | कपड़े की दूकान कैसे खोलें ?

Readymade garments shop

Readymade garments shop आज भारत में बहुत तेजी से बढ़ता हुआ व्यापार है। इस व्यापार में  व्यापारी के लिए कपड़ो में बहुत ज्यादा प्रॉफिट मार्जिन होने के कारण इसमें लाभ के बहुत अवसर हैं। कपड़ा एक ऐसा आइटम है जो हमारी मूलभूत आवश्यकताओं ‘रोटी कपड़ा और मकान’ में से एक है इसलिए इसका बिज़नस सालो से भारत ही नहीं अन्य  देशों में भी काफी  सफल रहा है क्योंकि कपड़ा की जरूरत जैसा मैंने पहले बताया, हर इंसान को है चाहे वह गरीब हो या अमीर सभी लोग अपने बजट के अनुसार कपड़े खरीदते हैं। 

इस तरह से कपड़े की मांग को देखते हुए आप भी इस बिज़नस को स्टार्ट करके अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं। आज के इस पोस्ट में मैं आप लोगों को ‘Readymade garments shop कैसे खोलें’ के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वाला हूँ जिसे आप लोग पढ़कर अपना बिज़नस आसानी से शुरू कर सको। 

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मार्केट डिमांड सर्वे (How to start a garment shop in India)

पुराने समय से ही देश के अर्थव्यवस्था में टेक्सटाइल्स इंडस्ट्री का अहम् योगदान रहा है जो लगभग 30 % की ग्रोथ रेट से बढ़ रहा है देश के कुल इंडस्ट्रियल export में 13 % हिस्सा टेक्सटाइल इंडस्ट्री का है। इस तरह टेक्सटाइल इंडस्ट्री कुल 105 मिलियन लोगों के रोजगार का जरिया बना हुआ है। इसके अलावा भारत त्योहारों का देश है यहाँ पर विभिन्न धर्म और जाति के लोग रहते हैं जिनका पहनावा भी एकदम अलग है।

इसलिए यहाँ कपड़ो की मांग उस समय अधिक बढ़ जाती है जब कोई त्यौहार या घर में पार्टी वगैरह हो तो ऐसे में लोग खरीददारी ज्यादा करते हैं। इसके अलावा कपड़ो की मांग मौसम के मुताबिक़ भी तय की जाती है जैसे की गर्मी के सीजन में सूती के कपड़ों की मांग बढ़ जाती है, वहीँ ठंडी के मौसम में वूलेन कपड़ों की खरीददारी देखने को मिलती है। इस प्रकार से देखा जाय  तो कपड़ो की मांग कभी कम नहीं होने वाली है इसकी मांग सदा ही ऐसे बनी रहेगी। ऐसे में Readymade garments shop खोलना घाटे का सौदा नहीं होगा। 

एरिया सेलेक्शन

गारमेंट्स शॉप्स का बिज़नस ऐसे एरिया में खोलना चाहिए जहाँ पर भीड़भाड़ ज्यादा रहती है जैसे किसी व्यस्त चौराहे पर, बीच मार्केट में ताकि आपके शॉप्स पर ज्यादा से ज्यादा कस्टमर आ सकें और आपकी बिक्री ज्यादा हो सके या किसी रेलवे स्टेशन या बस स्टेशन के आसपास में अपनी  शॉप्स खोलनी चाहिए जहाँ पर ज्यादातर लोग आते जाते रहते हैं इन सब जगहों पर सेलिंग के ज्यादा चांसेस रहते हैं। साथ ही आपके गारमेंट्स शॉप्स में प्रयाप्त जगह होनी चाहिए जिसमे शोरूम के अलावा कपड़ों का स्टॉक रखने के लिए स्टोर रूम होना चाहिए आपकी शॉप्स मुख्य सड़क पर हो तो ज्यादा बेहतर होगा।   

प्लानिंग (Readymade garments shop business plan)

यदि आप Clothing business plan की योजना बना रहे हैं तो इसके बारे में पहले से विचार कर लेनाबहुत जरूरी है ताकि बाद में पछताना न पड़े जैसे माल कहाँ से लायेंगे, कौन-कौन से आइटम रखेंगे, सिर्फ रेडीमेड कपड़े रखेंगे या बिना सिले कपड़े भी रखेंगे, कितना प्रॉफिट मार्जिन रहेगा, इन सब  प्रश्नों का उत्तर पाने के लिए आपको एक बार मार्केट सर्वे कर लेना चाहिए तभी इस बिज़नस में  कदम रखें। 

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लाइसेंस (License for Readymade garments shop)

किसी भी बिज़नस को बड़े स्तर पर चलाने हेतु कुछ वैधानिक कार्यवाइयों को पूरा करना आवश्यक है जिससे आपके बिज़नस में आगे चलकर कोई बाधा न आये। सबसे पहला लाइसेंस जो आवश्यक है वह है जीएसटी रजिस्ट्रेशन जो भारत सरकार ने सभी व्यवसायिओं के लिए अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा रेडीमेड गारमेंट्स के बिज़नस के लिए लोकल ट्रेड लाइसेंस लेना बहुत जरूरी है जो की लोकल म्यूनिसिपालिटी के द्वारा जारी किया जाता है। इसके अलावा यदि आपका व्यवसाय बड़ेस्तर पर चल रहा है तो आपको TIN number भी लेना होगा। 

आवश्यक पूँजी निवेश (Investment for Readymade garments shop Business)

Readymade garments बिज़नस एक ऐसा बिज़नस है जिसे आप आसानी से एक से डेढ़ लाख रुपये लगाकर शुरुआत कर सकते हैं। एक बार आपकी दूकान अच्छे से चल जाय तो आप और अधिक पूँजी लगाकर अपना बिज़नस बड़ा कर सकते हैं। कोई जरूरी नहीं की शुरुआत में ही चार-पांच लाख रुपये की आवश्यकता होगी।  

आइटम्स एंड वैरायटी

Readymade garments shop
Readymade garments shop

Readymade garments business की सेलिंग एंड अर्निंग इस बात पर निर्भर करती है की आपके शॉप्स में  किस तरह के कपड़े उपलब्ध हैं। जितने अधिक प्रकार के आइटम्स आप रखेंगे उतने ही अधिक ग्राहक आप के शॉप्स पर आयेंगे। इस बिज़नस के लिए सबसे पहली चीज यह होती है कि आपको यह करना है की आप अपने स्टोर में किस तरह के कपड़े बेंचना चाहते हैं। मार्केट में कपड़ो की बहुत तरह की वैरायटी उपलब्ध होती है इसके अलावा यह भी तय करना होता है की आप बच्चों, युवाओं, लड़के, लड़कियों व औरतों में से किसके लिए अपने स्टोर में कपड़े बेंचना चाहते हैं। आप अपने शॉप्स में निम्नलिखित वैरायटी के कपड़े रख सकते हैं-

  • किड्स वियर – आप अपने गारमेंट्स  शॉप्स में छोटे-छोटे बच्चों के पहनने के लिए सभी आवश्यक कपड़ों को रख सकते हैं। 
  • मेंस वियर- आपको अपने गारमेंट्स शॉप्स में पुरुषों के पहनने के लायक सभी कपड़े रखने होंगे जैसे जीन्स पैन्ट्स, शर्ट्स, कोट, टी शर्ट्स, ट्राउजर्स, अंडर गारमेंट्स आदि। 
  • लेडीज वियर-  आप अपने गारमेंट्स शॉप्स में महिलाओं को पहनने के लिए कपड़े जैसे साड़ी, लहंगा, चुनरी, सलवार सूट, कुर्ती, लेगी, फ्रॉक,टॉप आदि जरूर रखिये क्योंकि महिलाएं पुरुषों की तुलना में ज्यादा कपड़े खरीदती हैं।
  • विंटर क्लॉथेस- गारमेंट्स शॉप्स एक ऐसा बिज़नस है जिसमे मौसम बदलने के साथ आपको अपने स्टॉक भी बदलने पड़ते है जैसे ही ठण्ड का मौसम शुरू होता है ऊनी और गर्म कपड़ों की  मांग बढ़ जाती है। इस महीने में आप स्वेटर, जैकेट, वूलेन इनर, वूलेन कैप, ब्लेजर और वूलेन चादर अपने दूकान में रखकर बेंच सकते हैं।  
  • समर क्लॉथेस- वहीँ जब गर्मी का मौसम आता है तब लोग ढीले-ढाले कपड़े पहनना पसंद करते हैं जिनमे गर्मी कम लगे इस लिए आपको गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए कपड़े रखने चाहिए।  

माल कहाँ से लायें ?

गारमेंट्स शॉप बिज़नस में ज्यादा मुनाफा कमाने हेतु आपको माल हमेशा बड़े होलसेलर से ही लेना चाहिये। जिससे आपको कम से कम रेट पर कपड़े मिल सकें इसके लिए आप टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए मशहूर शहरो जैसे दिल्ली के गांधीनगर, साड़ियों के लिए मशहूर गुजरात के सूरत, पैन्ट्स के लिए मशहूर राजस्थान के भीलवाड़ा आदि का विजिट करके वहां से माल खरीद सकते हैं। इन सभी जगहों पर कपड़े बहुत सस्ते दर पर मिल जायेंगे जिनसे आप अच्छा मुनाफा कमा सकते हो। 

सेलिंग बढ़ाने के तरीके

अपने गारमेंट्स शॉप के सेलिंग को बढ़ाने हेतु आप निम्नलिखित तरीके अपना सकते हैं-

  • अपने गारमेंट्स शॉप्स की सेलिंग बढ़ाने हेतु बीच-बीच में त्योहारों व विशेष अवसरों पर जैसे दीपावली, नवरात्र, नववर्ष, होली आदि के विशेष अवसरों पर आप ‘स्पेशल डिस्काउंट सेल ऑफर’ भी दे सकते हैं इसमें आप पहले की तुलना में रेट थोड़ा कम रखिये जिससे प्रति कपड़े पर प्रॉफिट मार्जिन आपको थोड़ा कम मिलेगा परन्तु बिक्री ज्यादा होने के कारण ग्रॉस प्रॉफिट ज्यादा होगी 
  • कपड़ों का बिज़नस एक ऐसा बिज़नस है जहाँ समय समय पर नए नए फैशन आते रहते हैं। इसलिए कभी भी बहुत ज्यादा कपड़े स्टॉक में न रखें और नए नए डिजाईन के कपड़े लाते रहें।
  • आप two in one,  पांच खरीद के साथ एक फ्री, या इसी तरह के कुछ अन्य ऑफर भी दे सकते हैं जिससे आपकी बिक्री काफी हद तक बढ़ जाती है।  
  • कस्टमर से हमेशा अच्छा व्यवहार रखें कस्टमर पर आपके व्यवहार का पॉजिटिव असर पड़ता है। यदि वह आपसे संतुष्ट होकर जाता है तो वह अगली बार भी आपकी दूकान पर ही आएगा। 
  • किसी विशेष मेला, महोत्सव आदि के अवसर पर आप अपने गारमेंट्स शॉप्स का स्टाल लगाकर और ग्राहकों को डिस्काउंट रेट देकर अपने गारमेंट्स की बिक्री काफी हद तक बढ़ा सकते हैं   
  • यदि आपके पास गारमेंट्स का स्टॉक ज्यादा रहता है तो आप ऑनलाइन शोपिंग कंपनी फ्लिप्कार्ट एवं अमेज़न से टाईअप भी कर सकते हैं। 
  • आप जगह-जगह garments shop banner लगवा सकते हैं जिससे आपकी दूकान के बारे में ज्यादा से ज्यादा कस्टमर जान पाएंगे।
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Readymade garments business

गारमेंट्स बिज़नेस में रिस्क फैक्टर

जैसा की हर बिज़नस में कुछ न कुछ नेगेटिव पॉइंट्स होते हैं ऐसे ही इस बिज़नस में निम्नलिखित दिक्कते सामने आती रहती हैं जिनका निदान किया जाना बहुत जरूरी है- 

  1. इंडिया में रेडी मेड गारमेंट्स का बिज़नस बहुत ही रिस्की भी है क्योंकि यहाँ साल में दो बार स्टॉक चेंज होता है एक ठंडी में और दूसरा गर्मी में। इसलिए दुकानदार को इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता है की ठंडी का माल ठंडी में तथा गर्मी का माल गर्मी में ही बिक जाए वरना नुक्सान हो सकता है।
  2. गारमेंट्स में फैशन का दौर आता रहता है जो फैशन ट्रेंडिंग में रहता है उसी की ज्यादा बिक्री होती है इसलिए आपको अपने गारमेंट्स शॉप्स में जमाने के पसंद के अनुसार ही कपड़े रखने होंगे नहीं तो ओल्ड मॉडल के कपड़े यूँ ही रखे रह जाते हैं। 
  3. सीजन के समय में आवश्यकता के चलते आपके गारमेंट्स अच्छी कीमत पर बिक जाते हैं परन्तु मार्केट में अन्य प्रतिद्वंदी से अधिक कीमत वसूलना आपके बिज़नस के लिए गलत साबित हो  सकता है और आपके कस्टमर दूसरी ओर आकर्षित हो सकते हैं। इसलिए अपनी प्राइस लिस्ट  बनाते समय यह बात ध्यान रखनी चाहिए और अन्य गारमेंट्स शॉप्स की प्राइस के बारें में जानकारी अवश्य कर लेनी चाहिए।  

प्रॉफिट मार्जिन (Profit in garments business)

गारमेंट्स बिज़नस में प्रॉफिट मार्जिन बहुत ज्यादा है क्योंकि कपड़े लागत से दुगुना मूल्य तक भी बिक जाते हैं इस व्यवसाय में यदि आप एक रिज़नेबल प्राइस ही रखते हैं तब भी आप आसानी से महीने में लगभग 30 से 40 हजार रुपये तो कमा ही लेंगे। यदि आप और अधिक मेहनत करके सेलिंग के नए-नए तरीके खोजकर अपनी सेलिंग बढ़ाते हैं तो यह राशि दुगुनी भी हो सकती है।  

निष्कर्ष

दोस्तों अंत में मैं यही कहना चाहता हूँ यदि आप में कुछ करने की लालसा है और धैर्य है और अपने काम के प्रति निष्ठावान हैं तो आप जरुर सफल हो सकते हैं बस आप Readymade garments shop business की शुरुआत तो कीजिए क्योंकि गारमेंट्स बिज़नस में जितने भी सफल लोग हैं वें शुरुआत से ही ऐसे नहीं थे उन्होंने भी इसी तरह एक छोटी सी पूँजी से शुरुआत की थी।  

उम्मीद करता हूँ की इस पोस्ट में आपको सारी जानकारी मिल गई होगी अगर आपको हमसे कुछ पूंछना है तो आप हमसे कमेंट करके पूंछ सकते हैं साथ ही इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को शेयर भी कीजिये हम आगे भी इसी तरह से आपके लिए नए-नए बिज़नस ideas लाते रहेंगे धन्यवाद।

अवश्य पढ़ें- सेनेटरी पैड्स बनाने का बिज़नेस कैसे शुरू करें ?

 

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